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तैमूर लंगडा

 तैमूर लँगड़े को भारत से बाहर खदेड़ने वाली वीरांगना रामप्यारी गुर्जर की कहानी तैमूर लंग की 120000 की सेना देखते ही देखते ढेर हो गई और उसे जान बचाकर भागना पड़ा हमारे वामपंथी इतिहासकार हमें बताते आए हैं कि कैसे तैमूर लंग और उसकी क्रूर सेना ने दिल्ली को क्षत विक्षत करते हुए लाखों हिन्दू वीरों को मृत्युलोक भेजा था। यही इतिहासकार बड़े चाव से बताते हैं कि कैसे तैमूर भारत से अथाह संपत्ति लूटकर भारत में अपना सारा साम्राज्य खिज्र खान सैयद के हाथों छोडकर अपने आगे के अभियानों को आगे बढ़ाने हेतु निकाल पड़ा था। पर क्या यही सत्य है? क्या उस कालखंड में कुछ और घटित नहीं हुआ था इस देश मे? यह अर्धसत्य है। आज उस वीरांगना की कथा में हम आपको बताएंगे जिसे वामपंथी इतिहासकारों ने हमसे वर्षों तक छुपाए रखा। सैफ्रन स्वोर्ड्स (Saffron Swords: Centuries of Indic Resistance to Invaders) जिसकी लेखिका हैं मनोशी सिंह रावल, इसमें 51 ऐसे हिन्दू वीरों की कथाएँ हैं जिन्होंने इस्लामिक आताताईयों और ब्रिटिश लूटेरों के अजेयता के दंभ को धूल धूसरित किया था। आज की कथा इसी पुस्तक के पहले अध्याय से ली गयी है और ये कथा है तैमूर को अ...

शिव जी की खोज में

                            ओम नम शिवाय।   World most logical qus. Is who is the god and  They really exist in the world ,  But i have only one answer for that If you are alive than god exist in this world Science depends only on the discovery of logic and inventions but he beyond all of this Anyway , in a very large space, we are only the tip of a hair and Sanatan Dharm is oldest religion in this world. We Hindu have sereval housend year's of civilization We have built 22 jyotirlinga temple Evan before the beginning of many civilization but today our country is become secular. And today We have created many scientific rules and thinks and called as morden . But we forget one thing that is Hindu is more developed civilization in ancient Ara Some time before We built bhabha atomic plants which look like Shiv Linga shape . Well we know very little about specs even than we have already known the ...

Mera desh esa to nhi tha

                             दोहरी मानसिकता।     गर्व से कन्हू मैं हिंदू हूं  जन्म से संस्कार से पहचान से लाखो साल लग गए हम सभ्य बनने में पर एक पल कुछ लोग हम नोच खाते हैं,   पहचाने तो वो कभी जाते नहीं फिर भी वो हमेशा झुंडो में आते हैं बात बुरी लगे तो पहले सोचना फिर अपना इतिहास पढ लेना जिन्होने  हम लुटा मारा या देश को बारबाद कर दिया ओर फिर भी इन नामुनो कुतो के नाम पर आज कल के भांड कलाकार अपनी बच्चे का नाम रखते हैं जिन्का अनुभव हम करते हैं उन्हे स्टार या आइकन कहते हैं। आपको अपने देश में गद्दारो दुढने की जरूरत नहीं वो सब आपको मुक्ता में मिल जाएंगे  हमारे देश ने के बटवारे देखे हैं, पर हम याद सिरफ पाक या बांग्लादेश है और अफगानिस्तान  बर्मा को क्यों भूल जाते हो। किस बात के लिए जाने शायद  इसी लिए तो  हम बिना करन ही गांधी को राष्ट्र पिता बना चुके हैं  जब की अंगरेजो के खिलाफ उन्होन कभी कोई आंदोलन पुरा किया ही नहीं..तो  फिर किस या कब उन वह राष्ट्रपित धोसित कि...